क.रा.बी.निगम में शिकायतों का निवारण
- प्रशासन निरीक्षण
- वसूली तंत्र दण्ड
- शिकायत निवारण विधिक प्रावधान
- शाखा कार्यालय अधिनियम व नियम
- कराबी औषधालय
- संपर्क सूचना
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अन्य लिंक्स
- चिकित्सा बोर्ड शिकायतों के लिए हमारी
- एम् ए टी शिकायत अधिकारी
- ई आई कोर्ट श्रीमती पी. एस.रॉय ,
क्षेत्रीय बोर्ड शिकायत व जनसंपर्क अधिकारी
स्थानीय समितियां से संपर्क करें .
फोन नं 020-24211138/39
. फैक्स 020-24215153
dir-pune@esic.nic.in
क.रा.बी.निगम में योजना के लाभाधिकारियों की शिकायतों का सामयिक निवारण सुनिश्चित करने के लिए अनेक उपचारात्मक उपाय किये गए हैं . क.रा.बी.(सामान्य) विनियम 1950 के विनियम 10 और 10 ए के अनुरूप नियोक्ताओं, कर्मचारियों और योजना प्रशासकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्थानीय समितियों और क्षेत्रीय बोर्डों का गठन किया गया है . तदनुसार जन शिकायतों का काम देखने वाले निगम के सभी एककों / कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे विभिन्न स्त्रोतों जैसे बीमाकृत व्यक्ति/नियोक्ता/ वी.आई.पी./कर्मचारी और नियोक्ता संगठन/ समाचार पत्र और शाखा कार्यालय/उ.क्षे.का. में उपलब्ध शिकायत पेटियों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को दर्ज़ करें . शिकायत की प्रकृति का वर्गीकरण करने के बाद प्रत्येक शिकायत को एक पंजीकरण संख्या आबंटित की जानी है . समुचित जांच-पड़ताल के बाद मामले शीघ्र सुलझा लिए जायेंगे . किसी परिवाद/शिकायत के अस्वीकार होने की स्थिति में इसकी कारण सहित सूचना शिकायतकर्ता को दी जायेगी
फलस्वरूप निगम ने अप्रैल 1999 में एक नीतिगत निर्णय लेते हुए क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर केवल जन शिकायत निवारण के लिए एक स्वतन्त्र प्रकोष्ठ गठित किया है . तदनुसार, जन शिकायतों के निवारण के साथ साथ जन संपर्क बढाने के लिए उप क्षे.का.,पुणे में एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है जो लाभाधिकारियों और जनता की शिकायतों के निवारण की निगरानी करता है . नियोक्ताओं/संगठनों के प्रतिनिधियों और श्रम प्रतिनिधियों सहित लाभाधिकारियों की शिकायतों पर समुचित ध्यान दिया जाता है तथा उनके दावों को प्राथमिकता आधार पर निपटाया जाता है . इसके अतिरिक्त जन शिकायतों के निवारण हेतु पूर्व में जारी निदेशानुसार शिकायत अदालत का भी आयोजन किया जा रहा है .
उक्षेका स्तर पर एक सुविधा केन्द्र खोला गया है जहाँ बीमाकृत व्यक्तियों, नियोक्ताओं आदि को अपने परिवादों/शिकायतों को स्वतन्त्र रूप से रखने के साथ-साथ निगम के साथ विचार विनिमय करने की पूरी छूट है . शिकायतों पर पूरा ध्यान दिया जाता है और जहाँ आवश्यक हो वहाँ विस्तृत जांच-पड़ताल की जाती है ताकि शिकायतों का यथाशीघ्र निवारण हो सके और भविष्य में इस तरह कशिकायतें न हो सकें .
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